नंदन नीलेकणि की चेतावनी: जनहित के बिना AI को झेलना पड़ सकता है विरोध

कृत्रिम बुद्धिमत्ता
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Moneycontrol•28-01-2026, 14:05
नंदन नीलेकणि की चेतावनी: जनहित के बिना AI को झेलना पड़ सकता है विरोध
- •इंफोसिस और एकस्टेप के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने चेतावनी दी है कि यदि AI का उपयोग जनहित के बजाय दुरुपयोग और नौकरी के नुकसान पर केंद्रित रहा, तो उसे जनता के विरोध का सामना करना पड़ सकता है.
- •नौकरी छूटने की चिंता और AI-जनित सामग्री, जिसमें अश्लील सामग्री भी शामिल है, के बढ़ते प्रचलन से उपयोगकर्ताओं में चिंता बढ़ रही है, जिससे प्रौद्योगिकी के प्रति नकारात्मक धारणा बन रही है.
- •नीलेकणि ने AI में "रेस टू द टॉप" पर जोर दिया, जिसका अर्थ है कि AI का उपयोग आजीविका में सुधार और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि दुरुपयोग पर केंद्रित "रेस टू द बॉटम" पर.
- •हालिया विवाद, जैसे कि ग्रोक द्वारा गैर-सहमति वाली यौन-संबंधी छवियां बनाना और मेटा के AI चैटबॉट द्वारा नाबालिगों को स्पष्ट बातचीत की अनुमति देना, जिम्मेदार AI विकास की तत्काल आवश्यकता को उजागर करते हैं.
- •भारत के पास एप्लाइड AI में नेतृत्व करने का अवसर है, किसानों और डेयरी जैसे क्षेत्रों के लिए वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने वाले समाधान विकसित करके सार्वजनिक विश्वास का निर्माण कर सकता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: AI को जनहित और नैतिक उपयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि विरोध से बचा जा सके और व्यापक सामाजिक स्वीकृति सुनिश्चित हो सके.
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