31 जनवरी को जन्मे बच्चों का भविष्य: होशियार या गुमसुम? जानें ज्योतिषीय रहस्य

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News18•31-01-2026, 00:00
31 जनवरी को जन्मे बच्चों का भविष्य: होशियार या गुमसुम? जानें ज्योतिषीय रहस्य
- •अयोध्या के पंडित पवन दास शास्त्री के अनुसार, 31 जनवरी को जन्मे बच्चे शुभ ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव में होते हैं.
- •दोपहर 1 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा, जो नवजात शिशुओं को आशावादी, बुद्धिमान और प्रगतिशील बनाता है. इसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा, जो पोषण, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है.
- •चंद्रमा पहले मिथुन राशि में रहेगा, जिससे तीव्र बुद्धि, उत्कृष्ट संचार कौशल और बहुमुखी प्रतिभा मिलती है. बाद में यह कर्क राशि में प्रवेश करेगा, जिससे भावनात्मक गहराई, संवेदनशीलता और पारिवारिक लगाव आता है.
- •माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 8:28 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी. दोपहर 1:33 बजे तक विष्कुंभ योग कड़ी मेहनत के बाद सफलता का संकेत देता है.
- •पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे बच्चों के लिए "के, को, हा, ही" और पुष्य नक्षत्र में जन्मे बच्चों के लिए "हू, हे, हो, डा" अक्षरों से नामकरण शुभ माना जाता है, जो उज्ज्वल भविष्य का संकेत है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 31 जनवरी को जन्मे बच्चे बुद्धि, आशावाद और भावनात्मक गहराई के साथ एक उज्ज्वल भविष्य के लिए destined हैं.
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