ज्येष्ठा नक्षत्र: वरदान या चुनौती? जानिए इसके छुपे राज और जीवन पर असर

ज्योतिषीय सुझाव
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News18•25-01-2026, 15:36
ज्येष्ठा नक्षत्र: वरदान या चुनौती? जानिए इसके छुपे राज और जीवन पर असर
- •वृश्चिक राशि में स्थित ज्येष्ठा नक्षत्र रहस्यमय, शक्तिशाली और प्रभावशाली माना जाता है, जिसके जातक अपनी तीक्ष्ण सोच और गहरी भावनाओं के कारण भीड़ से अलग दिखते हैं.
- •इसके देवता इंद्र हैं और इसका प्रतीक कान की बाली है, जो सम्मान और उच्च स्थिति को दर्शाती है; जातक मनोविज्ञान, आध्यात्मिकता और गूढ़ विज्ञान की ओर आकर्षित होते हैं.
- •पौराणिक रूप से, ज्येष्ठा को ईर्ष्या और असुरक्षा से जोड़ा गया है, जिसके लिए जातकों को आध्यात्मिक संतुलन और सफलता के लिए अहंकार पर काबू पाना होता है.
- •पुरुष जातक आत्मनिर्भर, दृढ़ निश्चयी होते हैं, राजनीति/अनुसंधान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, लेकिन आंतरिक आत्म-सम्मान की कमी और बुखार या अस्थमा जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ सकते हैं.
- •महिला जातक जिम्मेदार, भावनात्मक रूप से गहरी और संवेदनशील होती हैं, परिवार का अच्छी तरह से प्रबंधन करती हैं और शैक्षणिक अरुचि के बावजूद परामर्श, शिक्षण या चिकित्सा में सफलता पाती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ज्येष्ठा नक्षत्र शक्ति और नेतृत्व प्रदान करता है, लेकिन सच्ची सफलता के लिए अहंकार जैसी आंतरिक चुनौतियों पर काबू पाना आवश्यक है.
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