बार-बार गुस्सा आने का वास्तु दोष
ज्योतिषीय सुझाव
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News1819-12-2025, 12:37

आपके शब्द खोलते हैं राज: अग्नि और पृथ्वी तत्व कैसे रोकते हैं आपके फैसले.

  • "मन में आग," "गुस्सा," "फंसे हुए" जैसे शब्द व्यक्ति के आंतरिक तत्व असंतुलन को दर्शाते हैं, न कि केवल तनाव को.
  • "आग," "गुस्सा," "लड़ाई," "बेचैनी" से संबंधित शब्द अग्नि तत्व की अधिक सक्रियता का संकेत देते हैं.
  • "फैसले नहीं ले पा रहा," "सब रुका हुआ महसूस होता है," "फंसा हुआ महसूस होता है" जैसे वाक्यांश पृथ्वी तत्व की सक्रियता बताते हैं.
  • पृथ्वी और अग्नि तत्वों का खतरनाक संयोजन आंतरिक अवरोध, बाहरी गुस्सा और लगातार सक्रिय रहने के बावजूद परिणामों की कमी का कारण बनता है.
  • वास्तु विशेषज्ञ हिमाचल सिंह के अनुसार, निर्णय लेने में समस्या (निर्णय लेते समय गुस्सा) उत्तर-पूर्व क्षेत्र में अग्नि ऊर्जा के असंतुलन से उत्पन्न हो सकती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आपके शब्द आपके आंतरिक तत्वों की स्थिति का दर्पण हैं, जो आपकी बाधाओं को उजागर करते हैं.

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