राज योग: सफलता के भ्रम को समझें; आपकी किस्मत को रोक रहे हैं ये 5 कारक

ज्योतिष
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News18•24-01-2026, 14:57
राज योग: सफलता के भ्रम को समझें; आपकी किस्मत को रोक रहे हैं ये 5 कारक
- •राज योग, जिसे अक्सर स्वचालित सफलता माना जाता है, वास्तव में अधिकार, प्रभाव और उच्च पदों तक पहुँचने की क्षमता को दर्शाता है, न कि धन की गारंटी.
- •इसमें केंद्र (1, 4, 7, 10) और त्रिकोण (1, 5, 9) भावों के स्वामियों का संबंध शामिल है, जो जिम्मेदारी की क्षमता का संकेत देता है.
- •राज योग का सक्रिय होना ग्रहों की दशाओं और गोचर पर निर्भर करता है; यह पूरे जीवन सक्रिय नहीं रह सकता या तुरंत प्रकट नहीं हो सकता.
- •प्रयास और स्वतंत्र इच्छा महत्वपूर्ण हैं; अनुशासित कार्य इसके प्रभावों को बढ़ाता है, जबकि जिम्मेदारी से बचना इसके प्रकटीकरण को कमजोर या अवरुद्ध कर सकता है.
- •राज योग के फलदायी न होने के पांच कारण हो सकते हैं: नाम/जन्म विवरण का गलत संरेखण, कमजोर ग्रह, गलत ग्रह दशा का समय, कमजोर मुख्य भाव, और वर्तमान जीवन कर्म/जिम्मेदारी के प्रति प्रतिरोध.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राज योग नेतृत्व और प्रभाव की क्षमता प्रदान करता है, लेकिन इसे प्रकट करने के लिए प्रयास, समय और संरेखण की आवश्यकता होती है.
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