A softer dollar outlook, combined with expectations of an eventual easing cycle by the US Federal Reserve, may have further reduced the attractiveness of adding to long-duration dollar assets.
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Moneycontrol09-01-2026, 16:19

भारत ने 2025 में अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स में 21% की कटौती की, चार साल में पहली गिरावट.

  • अक्टूबर 2024 और अक्टूबर 2025 के बीच भारत की अमेरिकी ट्रेजरी नोट्स में हिस्सेदारी 21% घटकर 190.7 बिलियन डॉलर हो गई.
  • यह चार साल में भारत के अमेरिकी ट्रेजरी निवेश में पहली वार्षिक गिरावट है, जो एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है.
  • यह कमी केवल यील्ड विचारों से नहीं, बल्कि रिजर्व आवंटन और विविधीकरण के पुनर्मूल्यांकन से प्रेरित है.
  • अर्थशास्त्री इस कदम को नरम अमेरिकी डॉलर के दृष्टिकोण और वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिमों से जोड़ते हैं, जिससे डॉलर-मूल्यवान संपत्तियों से दूर जाने का संकेत मिलता है.
  • भारत संभवतः अपने भंडार को सोने, अन्य सॉवरेन बॉन्ड और गैर-डॉलर मुद्राओं जैसी वैकल्पिक संपत्तियों में पुनर्वितरित कर रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत ने अपनी अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स में उल्लेखनीय कमी की है, जो विदेशी मुद्रा भंडार के विविधीकरण की दिशा में एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है.

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