Image: Swiggy’s food marketplace chief Rohit Kapoor / LinkedIn
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Storyboard20-01-2026, 10:46

डेवोस 2026: भारत की अर्थव्यवस्था का तीसरा स्तंभ बनी गिग इकोनॉमी, स्विगी ने बांटे 5,000 करोड़ रुपये.

  • डेवोस 2026 में स्विगी के रोहित कपूर ने बताया कि भारत की गिग इकोनॉमी अब औपचारिक रोजगार और उद्यमिता के साथ आजीविका का तीसरा स्तंभ बन गई है.
  • स्विगी ने अकेले पिछले साल अपने डिलीवरी पार्टनर्स को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया, जो आय सृजन में इस क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है.
  • कपूर ने गिग वर्क में लचीलेपन के महत्व पर जोर दिया, इसे पारंपरिक वेतनभोगी नौकरियों से अलग बताया, और औपचारिककरण के प्रयासों का स्वागत किया, लेकिन दोनों को समान मानने के प्रति आगाह किया.
  • गिग वर्कर की कमाई, प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चर्चा जारी है, जिसमें नियामकों, प्लेटफॉर्मों और नीति निर्माताओं को इस क्षेत्र के अद्वितीय परिचालन मॉडल की गहरी समझ की आवश्यकता है.
  • डिलीवरी पार्टनर की कमाई मुख्य रूप से बेस पेआउट, प्रोत्साहन और ऑर्डर घनत्व से निर्धारित होती है, भारत में टिपिंग एक मामूली और पूरक आय स्रोत बनी हुई है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत की गिग इकोनॉमी आजीविका का एक प्रमुख स्रोत है, स्विगी ने पिछले साल पार्टनर्स को 5,000 करोड़ रुपये दिए.

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