At its core, this is a discussion about stewardship — of a legacy, of an institution, and of an idea of creativity that once had the confidence to take risks and shape national conversation. Can Ogilvy honour what Piyush Pandey stood for without becoming trapped by it?
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Storyboard12-01-2026, 08:11

ओगिल्वी का भविष्य: विज्ञापन में रचनात्मकता, AI और पीयूष पांडे की स्थायी विरासत

  • ओगिल्वी इंडिया के मुख्य रचनात्मक अधिकारी पीयूष पांडे के बाद विज्ञापन के भविष्य पर चर्चा करते हैं, जिसमें रचनात्मकता, AI और उद्योग की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
  • पीयूष पांडे की विरासत को 'गति, जिज्ञासा और साहस' द्वारा परिभाषित किया गया है, जो उद्योग को अतीत को संरक्षित करने के बजाय 'आगे बढ़ने' का आग्रह करती है.
  • चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि क्या बढ़ती स्वचालन, डेटा और AI के बीच रचनात्मकता विज्ञापन की सबसे मूल्यवान मुद्रा बनी हुई है.
  • चुनौतियों में रचनात्मक अधिकार का क्षरण, जोखिम से बचना और मौलिकता तथा ब्रांड कहानी कहने पर AI का प्रभाव शामिल है.
  • यह बातचीत बताती है कि ओगिल्वी फ्रीलांस प्रतिभा और प्लेटफॉर्म-फर्स्ट प्रसिद्धि जैसी नई उद्योग गतिशीलता के अनुकूल होते हुए पांडे के दृष्टिकोण को कैसे बनाए रख सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ओगिल्वी इंडिया विज्ञापन के भविष्य को नेविगेट कर रहा है, पीयूष पांडे की विरासत को AI और बदलते रचनात्मक परिदृश्यों के साथ संतुलित कर रहा है.

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