The question, raised by Rajya Sabha MP Dr Ashok Kumar Mittal, sought clarity on how the government plans to address misleading travel promotions
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Storyboard30-01-2026, 10:16

पर्यटन मंत्रालय ने इन्फ्लुएंसरों की गलत सूचनाओं पर चिंता जताई, निगरानी में चुनौतियां बताईं.

  • केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों द्वारा प्रसारित भ्रामक यात्रा सामग्री, विशेषकर पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील या प्रतिबंधित स्थलों को बढ़ावा देने वाली सामग्री पर बढ़ती चिंताओं को स्वीकार किया है.
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म के बड़े पैमाने और उपयोगकर्ता-जनित सामग्री के कारण व्यक्तिगत इन्फ्लुएंसरों का सीधा विनियमन चुनौतीपूर्ण माना जाता है.
  • राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने भ्रामक प्रचार को संबोधित करने, सामग्री की प्रामाणिकता को सत्यापित करने और इन्फ्लुएंसरों के लिए आचार संहिता की कमी पर सवाल उठाए थे.
  • मंत्रालय के पास वर्तमान में इन्फ्लुएंसर-नेतृत्व वाले यात्रा प्रचार को सत्यापित करने के लिए कोई समर्पित तंत्र नहीं है और वह उनकी गतिविधि की सक्रिय रूप से निगरानी नहीं करता है.
  • भ्रामक सामग्री को विनियमित करने की जिम्मेदारी काफी हद तक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर है, हालांकि सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरणीय चिंताओं के कारण यह मुद्दा नीतिगत ध्यान आकर्षित कर रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पर्यटन मंत्रालय इन्फ्लुएंसरों की गलत सूचनाओं को स्वीकार करता है लेकिन प्रत्यक्ष विनियमन में चुनौतियों का सामना करता है, निगरानी के लिए प्लेटफॉर्म पर निर्भर है.

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