भारत के CPI भार में बदलाव: खाद्य का प्रभाव घटा, सेवाओं का महत्व बढ़ा
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CNBC TV1831-01-2026, 10:54

भारत के CPI भार में बदलाव: खाद्य का प्रभाव घटा, सेवाओं का महत्व बढ़ा

  • भारत की नई उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) श्रृंखला मैक्रोइकॉनॉमिक नीति के लिए एक अधिक मजबूत नाममात्र आधार प्रदान करती है.
  • CPI में खाद्य और पेय पदार्थों का भार 45.86% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जिससे आपूर्ति झटकों से होने वाली अस्थिरता कम होगी.
  • आवास, परिवहन, संचार और अन्य सेवा-गहन श्रेणियों का भार बढ़ा है, जो भारत के शहरीकरण और औपचारिकीकरण को दर्शाता है.
  • वस्तुओं और सेवाओं का दायरा 299 से बढ़कर 358 हो गया है, जिसमें ई-कॉमर्स मूल्य डेटा का व्यवस्थित एकीकरण शामिल है.
  • 12 ऑनलाइन बाजारों से ई-कॉमर्स की कीमतें अब शामिल हैं, जिससे एक अलग श्रेणी बनाए बिना मूल्य प्रतिनिधित्व में सुधार हुआ है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नए CPI भार भारत की अर्थव्यवस्था को बेहतर ढंग से दर्शाते हैं, खाद्य अस्थिरता को कम करते हैं और सेवाओं के प्रभाव को बढ़ाते हैं.

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