वायु प्रदूषण: 95% मरीज बीमारियों के वित्तीय झटके के लिए तैयार नहीं, अध्ययन का खुलासा

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News18•22-01-2026, 14:56
वायु प्रदूषण: 95% मरीज बीमारियों के वित्तीय झटके के लिए तैयार नहीं, अध्ययन का खुलासा
- •टाटा एआईजी के एक अध्ययन से पता चला है कि 95% मरीज गंभीर वायु प्रदूषण संबंधी बीमारियों के कारण आपातकालीन अस्पताल में भर्ती होने की लागत के लिए आर्थिक रूप से तैयार नहीं हैं.
- •डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बिगड़ती वायु गुणवत्ता श्वसन संबंधी विकार, हृदय संबंधी समस्याओं और कम प्रतिरक्षा जैसी पुरानी बीमारियों में वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है.
- •खराब वायु गुणवत्ता के लंबे समय तक संपर्क में रहने से अब केवल बच्चे और बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि कामकाजी उम्र के वयस्क भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे उत्पादकता और स्वास्थ्य सेवा का बोझ बढ़ रहा है.
- •उच्च AQI स्तर उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह और स्ट्रोक जैसी मौजूदा पुरानी बीमारियों को बढ़ा देते हैं, जिससे उपचार की जटिलता और लागत बढ़ जाती है.
- •बढ़ते जोखिमों के बावजूद, लगभग दो-तिहाई डॉक्टरों का मानना है कि मरीज प्रदूषित हवा के लंबे समय तक संपर्क में रहने के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और वित्तीय प्रभाव को कम आंकते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वायु प्रदूषण एक बड़ा वित्तीय झटका है, अधिकांश मरीज बढ़ती स्वास्थ्य लागतों के लिए तैयार नहीं हैं.
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