बड़े प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ सेना को आकाश नेक्स्ट-जेनरेशन सतह-से-हवा मिसाइलें और ISR यानी खुफिया निगरानी के लिए अत्याधुनिक ड्रोन भी मिलेंगे. यह सिस्टम भारत की एयर डिफेंस और निगरानी ताकत को नई धार देगा. 2026 में भारत सिर्फ हथियार नहीं जोड़ रहा, बल्कि दुश्मन को साफ संदेश दे रहा है कि जल, थल और नभ—तीनों मोर्चों पर भारत पूरी तरह तैयार है.
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CNBC Awaaz29-12-2025, 07:37

80,000 करोड़ के रक्षा सौदों पर DAC का बड़ा फैसला; घरेलू उद्योग को मिलेगा बढ़ावा.

  • रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की साल की सबसे महत्वपूर्ण बैठक, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे.
  • बैठक में लगभग 80,000 करोड़ रुपये के हथियार प्रणालियों और सैन्य उपकरणों की खरीद के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा.
  • बदलते सुरक्षा परिदृश्यों के कारण "फास्ट-ट्रैक" और "आपातकालीन" खरीद पर विशेष जोर दिया जाएगा.
  • "बाय इंडियन / IDDM" श्रेणी के तहत घरेलू रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे BEL, BDL जैसी कंपनियों को लाभ होगा.
  • CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित शीर्ष सैन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो 2026 और उसके बाद की रक्षा योजना को दिशा देंगे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: DAC के 80,000 करोड़ के रक्षा सौदे सैन्य तैयारियों को तेज करेंगे और भारतीय रक्षा उद्योग को बढ़ावा देंगे.

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