
आरबीआई की नई एफएक्स सीमा का लक्ष्य बैंकों की शुद्ध खुली रुपये की स्थिति को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित करके अस्थिरता को नियंत्रित करना और वित्तीय स्थिरता की रक्षा करना है।
आरबीआई का मुद्रा अस्थिरता को प्रबंधित करने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने का इतिहास रहा है।
हाँ, आरबीआई की कार्रवाइयाँ भारत के वित्तीय नियमों में संभावित व्यापक बदलाव का संकेत देती हैं।