SMC बिल: सेबी जांच पर 8 साल की सीमा, समयबद्ध प्रवर्तन और लोकपाल का प्रावधान.

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CNBC TV18•21-12-2025, 13:18
SMC बिल: सेबी जांच पर 8 साल की सीमा, समयबद्ध प्रवर्तन और लोकपाल का प्रावधान.
- •SMC बिल सेबी की जांच और निरीक्षण पर आठ साल की वैधानिक सीमा लगाता है, जिसका उद्देश्य बाजार सहभागियों के लिए लंबे समय तक नियामक अनिश्चितता को रोकना है.
- •यह बिल समयबद्ध प्रवर्तन को अनिवार्य करता है, जिसमें सेबी को 180 दिनों के भीतर जांच पूरी करनी होगी और अंतरिम आदेशों की वैधता 180 दिनों तक सीमित होगी.
- •यह निवेशकों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए लोकपाल-नेतृत्व वाली शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करता है, जिसमें निवेशकों को पहले सेवा प्रदाताओं से समाधान मांगना होगा.
- •SMC बिल तीन मौजूदा प्रतिभूति कानूनों - प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1956; सेबी अधिनियम, 1992; और डिपॉजिटरी अधिनियम, 1996 को समेकित करता है.
- •सेबी को अब अपने वार्षिक अधिशेष का 25% खर्चों के लिए एक आरक्षित निधि में रखना होगा, शेष अधिशेष भारत की संचित निधि में स्थानांतरित किया जाएगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: SMC बिल पूंजी बाजारों में कानूनी निश्चितता, समयबद्ध प्रवर्तन और बढ़ी हुई निवेशक सुरक्षा लाता है.
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