1973 का 'ब्लैक बजट': भारत के आर्थिक संकट का एक गहरा विश्लेषण

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News18•31-01-2026, 10:00
1973 का 'ब्लैक बजट': भारत के आर्थिक संकट का एक गहरा विश्लेषण
- •वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण द्वारा प्रस्तुत 1973-74 का केंद्रीय बजट भारत के "ब्लैक बजट" के रूप में जाना जाता है, जिसका कारण 550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजकोषीय घाटा था.
- •संकट के प्रमुख कारकों में 1971 का पाकिस्तान के साथ युद्ध, बांग्लादेश का निर्माण, और परिणामस्वरूप रक्षा खर्च में वृद्धि तथा शरणार्थी पुनर्वास लागत शामिल थी.
- •1972 के गंभीर सूखे ने कृषि उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे खाद्यान्न की कमी, ग्रामीण संकट, बिजली कटौती और बेरोजगारी हुई, सरकार को राहत के लिए 220 करोड़ रुपये आवंटित करने पड़े.
- •1973 के वैश्विक तेल संकट ने आयात बिलों में भारी वृद्धि की, मुद्रास्फीति को बढ़ावा दिया, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाला और भुगतान संतुलन को खराब किया.
- •बजट में कोयला खनन और सामान्य बीमा के राष्ट्रीयकरण के लिए 56 करोड़ रुपये और दो मिलियन टन खाद्यान्न आयात के लिए 160 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो गंभीर आर्थिक स्थिति को दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 1973 का 'ब्लैक बजट' युद्ध, सूखे और वैश्विक तेल संकट से भारत के गंभीर आर्थिक दबाव को दर्शाता है.
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