भारत के बजट की परंपरा: ब्रीफकेस से बही-खाता और अब टैबलेट तक का सफर

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News18•01-02-2026, 09:07
भारत के बजट की परंपरा: ब्रीफकेस से बही-खाता और अब टैबलेट तक का सफर
- •भारत में बजट पेश करने की परंपरा में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं, जो औपनिवेशिक युग के ब्रीफकेस से पारंपरिक बही-खाता और अब आधुनिक टैबलेट तक पहुंच गई है.
- •वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन परिवर्तनों की शुरुआत की, 2019 में भारतीय सांस्कृतिक जड़ों को अपनाने के लिए ब्रीफकेस को बही-खाता से बदल दिया.
- •2021 में, बजट पेपरलेस हो गया, जिसमें सीतारमण ने प्रतीकात्मक लाल पाउच में लिपटे एक मेड-इन-इंडिया टैबलेट को ले जाना शुरू किया.
- •भारत में शक्ति, समृद्धि और शुभ शुरुआत से जुड़ा लाल रंग इन परिवर्तनों के दौरान एक स्थिर प्रतीक बना हुआ है.
- •निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाने वाला आगामी केंद्रीय बजट 2026, स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को पेश किया जाएगा, जिसका ध्यान विकास, राजकोषीय अनुशासन और आर्थिक सुधारों पर होगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के बजट की प्रस्तुति ब्रिटिश ब्रीफकेस से बही-खाता और अब टैबलेट तक विकसित हुई, भारतीय संस्कृति और प्रौद्योगिकी को अपनाते हुए.
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