भारत में लैब-ग्रोन हीरे मुख्यधारा में, आभूषण बाजार में बड़ा बदलाव.

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CNBC TV18•06-01-2026, 17:41
भारत में लैब-ग्रोन हीरे मुख्यधारा में, आभूषण बाजार में बड़ा बदलाव.
- •भारत का लैब-ग्रोन डायमंड (LGD) उद्योग 2026 तक नियामक स्पष्टता, व्यापक उपभोक्ता स्वीकृति और तेजी से खुदरा विस्तार के कारण एक निर्णायक चरण में प्रवेश करेगा.
- •नए मानक आधिकारिक तौर पर 'प्रयोगशाला-विकसित हीरे' को अपनाते हैं, 'नकली' जैसे भ्रामक शब्दों को प्रतिबंधित करते हैं, जिससे उपभोक्ता विश्वास और पारदर्शिता बढ़ती है.
- •LGDs प्राकृतिक हीरों (₹70,000-₹5 लाख) की तुलना में महत्वपूर्ण मूल्य लाभ (1-कैरेट के लिए ₹20,000-₹80,000) प्रदान करते हैं, जिससे वे युवा खरीदारों के लिए सुलभ हो जाते हैं.
- •भारत का LGD बाजार 2023-24 में $450 मिलियन से बढ़कर 2030-31 तक $1.2 बिलियन होने का अनुमान है, जो स्थिरता, सामर्थ्य और नैतिक सोर्सिंग से प्रेरित है.
- •Limelight Diamonds जैसी कंपनियों द्वारा खुदरा विस्तार और बड़े खिलाड़ियों के प्रवेश से LGDs को वैधता मिल रही है, जिससे वे एक विशिष्ट श्रेणी से एक समानांतर श्रेणी में जा रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: किफायती और नैतिक कारणों से भारत में लैब-ग्रोन हीरे तेजी से मुख्यधारा बन रहे हैं.
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