रिपोर्ट के मुताबिक लग्जरी हाउसिंग की मांग बनी हुई है, लेकिन अब यह बेकाबू नहीं है. द्वारका एक्सप्रेसवे, नोएडा एक्सप्रेसवे, सरजापुर रोड, गाचीबोवली और कोरेगांव पार्क जैसे प्रीमियम इलाकों में 75–80% खरीदार लग्जरी सेगमेंट में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. इन इलाकों में नए हाई-एंड रेजिडेंशियल पिन कोड उभर रहे हैं, जहां बेहतर रोड, मेट्रो और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर खरीदारों को आकर्षित कर रहा है.
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CNBC Awaaz16-01-2026, 09:18

नोएडा बना लग्जरी घरों का नया केंद्र, सस्ते नहीं अब महंगे घर खरीद रहे लोग

  • नोएडा, जो कभी किफायती आवास के लिए जाना जाता था, अब तेजी से लक्जरी और ब्रांडेड आवासीय परियोजनाओं का केंद्र बन रहा है.
  • बढ़ते रोजगार के अवसर, बुनियादी ढांचे के विकास और खरीदारों की बदलती प्राथमिकताओं के कारण नोएडा अब उच्च-नेट-वर्थ व्यक्तियों (HNIs), NRIs और उद्यमियों को आकर्षित कर रहा है.
  • गुलशन ग्रुप, M3M इंडिया और स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स जैसे प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स यहां प्रीमियम सेगमेंट में बड़ी परियोजनाएं शुरू कर रहे हैं, जिनमें जैकब एंड कंपनी और एली साब जैसे वैश्विक लक्जरी ब्रांडों के साथ सहयोग भी शामिल है.
  • इन लक्जरी अपार्टमेंट की कीमतें 9 करोड़ रुपये से 25 करोड़ रुपये तक हैं, जिनके खरीदार उच्च-स्तरीय पेशेवर, उद्यमी, NRI, कॉर्पोरेट और कुछ मशहूर हस्तियां हैं.
  • एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और आगामी नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने इस बदलाव को गति दी है, जिससे नोएडा लक्जरी संपत्तियों के लिए मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नोएडा का रियल एस्टेट बाजार किफायती से लक्जरी की ओर बढ़ रहा है, जिसका मुख्य कारण बुनियादी ढांचा और HNI की मांग है.

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