ट्रम्प 2.0 के टैरिफ ने भारत को व्यापार विविधीकरण और नए वैश्विक साझेदार खोजने पर मजबूर किया.

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Firstpost•20-01-2026, 13:17
ट्रम्प 2.0 के टैरिफ ने भारत को व्यापार विविधीकरण और नए वैश्विक साझेदार खोजने पर मजबूर किया.
- •ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका आर्थिक संबंध खराब हुए, एक व्यावहारिक साझेदारी की शुरुआती आशावाद के बावजूद अमेरिका ने भारी टैरिफ लगाए.
- •अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाए, जो चीन से भी अधिक थे, व्यापार असंतुलन और बाजार पहुंच के मुद्दों का हवाला देते हुए, जिससे द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हुए.
- •भारत ने अपनी व्यापार रणनीति को फिर से कैलिब्रेट किया, पश्चिम एशिया, अफ्रीका, यूरोप और चीन जैसे नए निर्यात बाजारों में विविधता लाई, दिसंबर के निर्यात आंकड़ों में लचीलापन दिखाया.
- •दिसंबर में चीन को निर्यात 67% बढ़कर 2 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि भारत के सबसे बड़े बाजार अमेरिका को शिपमेंट 1.8% गिरकर 6.8 बिलियन डॉलर हो गया.
- •भारत यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ओमान, यूके के साथ नए व्यापार समझौतों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है और यूरोपीय संघ के साथ बातचीत तेज कर रहा है, खुद को एक स्वायत्त व्यापारिक शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ट्रम्प 2.0 की संरक्षणवादी नीतियों ने भारत को रणनीतिक रूप से व्यापार में विविधता लाने और नए वैश्विक साझेदार बनाने के लिए प्रेरित किया.
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