
अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव से तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रह सकती हैं, जो संभावित रूप से $150-$200 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, और वैश्विक व्यापार मार्गों को बाधित कर सकता है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश में वृद्धि का उद्देश्य आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति बेहतर करना है।
ऐतिहासिक रुझान बताते हैं कि वित्त वर्ष 26 में गिरावट के बाद वित्त वर्ष 27 में बाजार में संभावित उछाल आ सकता है।