With the support of the Grihalakshmi scheme, Zeenat managed to save money over the last year and a half. Two months ago, she bought a second-hand scooter using the funds (Image: Local18)
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News1820-01-2026, 17:05

मंगलुरु की माँ ने स्कूटर और सरकारी मदद से अचार के व्यवसाय को 900 रुपये प्रतिदिन तक बढ़ाया

  • मंगलुरु की 39 वर्षीय विधवा ज़ीनत ने कर्नाटक सरकार की गृहलक्ष्मी योजना के तहत मिली धनराशि का उपयोग करके अपने अचार के व्यवसाय का विस्तार किया.
  • उन्होंने एक सेकंड-हैंड स्कूटर खरीदा, जिससे उनके दैनिक कामकाज में काफी सुधार हुआ, यात्रा का समय बचा और अधिक ग्राहकों तक पहुँच बनी.
  • ज़ीनत अब प्रतिदिन 800 से 900 रुपये कमाती हैं, जिसमें प्रति बिक्री 200-300 रुपये का लाभ होता है, जिससे उन्होंने वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त की है.
  • उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर और स्पीकर यू.टी. खादर की तस्वीरें अपने स्कूटर पर लगाईं, ताकि सरकारी योजना से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त कर सकें.
  • गृहलक्ष्मी योजना, एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य कर्नाटक में महिलाओं को छोटे व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने में मदद करना है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक मंगलुरु की माँ ने सरकारी सहायता से स्कूटर खरीदा, जिससे उनके अचार के व्यवसाय में क्रांति आई और वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हुईं.

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