Often described as the "first citizen" of the city, the mayor occupies a largely ceremonial but symbolically powerful position. (AI-Generated Image)
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News1822-01-2026, 18:35

मुंबई महापौर चुनाव: सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित, राजनीतिक सरगर्मी तेज.

  • मौजूदा कार्यकाल में पहली बार मुंबई के महापौर पद की दौड़ सामान्य वर्ग की महिलाओं तक सीमित है, जिससे राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ गई है.
  • बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में महापौर का कार्यकाल 2.5 वर्ष का होता है, जिसमें आधे कार्यकाल के बाद आंतरिक प्रक्रिया से नए महापौर का चुनाव होता है.
  • महापौर पद के लिए आरक्षण श्रेणियां महाराष्ट्र शहरी विकास विभाग द्वारा लॉटरी के माध्यम से तय की जाती हैं, जिससे घूर्णी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता है.
  • 74वें संवैधानिक संशोधन और मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888, आरक्षण प्रणाली को नियंत्रित करते हैं, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी, महिलाएं और सामान्य श्रेणियां शामिल हैं.
  • शहर के 'प्रथम नागरिक' के रूप में प्रतीकात्मक शक्ति और प्रमुख समितियों की देखरेख के बावजूद, महापौर का पारिश्रमिक नाममात्र (6,000 रुपये मूल, भत्तों के साथ 75,000 रुपये तक) है, लेकिन इसमें विरासत बंगला और आधिकारिक वाहन जैसे महत्वपूर्ण भत्ते शामिल हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुंबई का महापौर चुनाव अब सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित है, जो अद्वितीय घूर्णी प्रणाली को दर्शाता है.

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