Ladakh feral dogs  (AI-generated image)
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Moneycontrol29-12-2025, 15:15

लद्दाख में आवारा कुत्ते वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा, हिम तेंदुओं से भी ज़्यादा.

  • लद्दाख में आवारा कुत्तों की आबादी बढ़कर अनुमानित 45,000 हो गई है, जो पारिस्थितिकी तंत्र की क्षमता से कहीं अधिक है और हिम तेंदुओं जैसे देशी शिकारियों से भी ज़्यादा है.
  • ये कुत्ते लुप्तप्राय प्रजातियों जैसे ब्लैक-नेक्ड क्रेन, पलास कैट, यूरेशियन लिंक्स, तिब्बती गज़ेल, ब्लू शीप, आईबेक्स और मार्मोट्स का शिकार करते हैं.
  • यह संकट मानव निर्मित है, जो पर्यटन और सैन्य स्थलों से खराब अपशिष्ट प्रबंधन और शहरीकरण के कारण कुत्तों की पारंपरिक भूमिकाओं को अप्रचलित करने से बढ़ा है.
  • आवारा कुत्ते मनुष्यों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं, हाल ही में महिलाओं और बच्चों पर घातक हमले हुए हैं, और खासकर सर्दियों में कुत्ते के काटने के मामले बढ़े हैं.
  • 2015-2024 के बीच 32,887 कुत्तों की नसबंदी के प्रयासों के बावजूद, संरक्षणवादी प्रतिक्रिया को अपर्याप्त मानते हैं और गहन सामूहिक नसबंदी अभियान की मांग करते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लद्दाख में मानव-जनित आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अद्वितीय वन्यजीवों और लोगों के लिए खतरा है.

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