दिल्ली के तुर्कमान गेट पर हिंसा, आपातकाल के जख्म फिर ताजा हुए.

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Moneycontrol•08-01-2026, 13:40
दिल्ली के तुर्कमान गेट पर हिंसा, आपातकाल के जख्म फिर ताजा हुए.
- •दिल्ली के तुर्कमान गेट पर MCD के विध्वंस अभियान के दौरान झड़पें हुईं, निवासियों ने पथराव किया और पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी.
- •इस अशांति ने इंदिरा गांधी के आपातकाल के दौरान 1976 में इसी स्थान पर हुई क्रूर घटना की दर्दनाक यादें ताजा कर दीं.
- •1976 में, संजय गांधी के "सौंदर्यीकरण" अभियान के कारण विध्वंस और जबरन परिवार नियोजन हुआ, निवासियों को नसबंदी के लक्ष्य दिए गए.
- •1976 का टकराव 19 अप्रैल को एक नरसंहार में बदल गया, जिसमें पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई और बुलडोजरों ने शवों को हटाया.
- •स्वतंत्र अनुमानों के अनुसार, 1976 के तुर्कमान गेट अत्याचार में लगभग 400 मौतें और एक हजार से अधिक लोग घायल हुए थे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तुर्कमान गेट पर हालिया दिल्ली झड़पों ने 1976 के आपातकाल-युग के हिंसक नरसंहार के पुराने घावों को फिर से खोल दिया है.
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