The drone provides a strategic vantage point across varied terrain, from the Himalayas to the deserts of Rajasthan, while lowering detection risks through quiet electric propulsion and a low thermal signature.
रक्षा
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Moneycontrol09-01-2026, 11:22

भारत की अगली पीढ़ी की सीमा निगरानी: सौर ऊर्जा से चलने वाले जासूसी ड्रोन उड़ान भरेंगे.

  • भारतीय सेना ने iDEX ढांचे के तहत बेंगलुरु स्थित न्यूस्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज (NRT) से 168 करोड़ रुपये का सौर ऊर्जा संचालित मानव रहित हवाई प्रणाली (UAS) का ऑर्डर दिया है.
  • यह प्रणाली, मीडियम एल्टीट्यूड परसिस्टेंट सर्विलांस सिस्टम (MAPSS), लंबी अवधि के मिशनों के लिए भारत का पहला पूरी तरह से इलेक्ट्रिक, सौर ऊर्जा संचालित निगरानी यूएवी है.
  • MAPSS को निरंतर खुफिया, निगरानी और टोही (ISR), इलेक्ट्रॉनिक खुफिया (ELINT) और संचार रिले समर्थन के लिए डिज़ाइन किया गया है.
  • यह हिमालय और राजस्थान जैसे विविध इलाकों में रणनीतिक लाभ प्रदान करता है, जिसमें शांत इलेक्ट्रिक प्रणोदन और कम थर्मल सिग्नेचर शामिल हैं.
  • यह खरीद स्वदेशी रक्षा नवाचार को बढ़ावा देने में रक्षा मंत्रालय के iDEX कार्यक्रम की सफलता को उजागर करती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत लगातार, कम पहचान वाली निगरानी के लिए उन्नत सौर-संचालित जासूसी ड्रोन से सीमा सुरक्षा बढ़ा रहा है.

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