Publishers cautioned that a zero-permission or zero-price statutory licence for AI training could harm the long-term sustainability of India’s “Orange Economy”, which the working paper itself claims to protect.
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Storyboard13-01-2026, 08:42

प्रकाशकों ने DPIIT के AI लाइसेंसिंग पेपर का विरोध किया, समाचार उद्योग और IP अधिकारों के लिए जोखिम की चेतावनी दी.

  • भारत के डिजिटल समाचार प्रकाशकों ने DPIIT के 'हाइब्रिड' AI लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क का कड़ा विरोध किया है.
  • प्रकाशकों का तर्क है कि यह समाचार उद्योग को कमजोर करेगा, बौद्धिक संपदा सुरक्षा को कमजोर करेगा और नियामक व राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम पैदा करेगा.
  • उनका कहना है कि समाचार सामग्री को मनोरंजन सामग्री के समान मानना गलत है, क्योंकि इसकी सार्वजनिक और नागरिक मूल्य है.
  • प्रकाशकों ने सार्वजनिक आवश्यकता की कमी, रचनाकारों के अधिकारों का हनन, और AI डेवलपर्स के लिए अपरिवर्तनीय पहुंच पर चिंता जताई है.
  • उन्होंने FDI और राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों, विदेशी संस्थाओं द्वारा सार्वजनिक विमर्श को प्रभावित करने की क्षमता, और आर्थिक मूल्यांकन की कमी पर भी प्रकाश डाला है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: समाचार प्रकाशकों ने DPIIT के AI लाइसेंसिंग का विरोध किया, IP, राष्ट्रीय सुरक्षा और उद्योग के लिए खतरों का हवाला दिया.

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