The Supreme Court slammed Meta and WhatsApp on user data use and privacy policy concerns.
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Storyboard03-02-2026, 16:22

सुप्रीम कोर्ट ने मेटा, व्हाट्सएप को चेताया: भारतीयों की निजता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

  • सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और व्हाट्सएप को उनकी डेटा-शेयरिंग प्रथाओं पर कड़ी चेतावनी दी है, कहा कि वह भारतीयों की व्यक्तिगत जानकारी के शोषण की अनुमति नहीं देगा.
  • यह चेतावनी व्हाट्सएप की 2021 की गोपनीयता नीति के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने को चुनौती देने वाली अपीलों की सुनवाई के दौरान आई.
  • मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने जोर देकर कहा कि व्हाट्सएप ने एकाधिकार बना लिया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को डेटा साझाकरण के लिए 'या तो स्वीकार करें या छोड़ दें' की स्थिति में धकेल दिया गया है, इसे 'निजी जानकारी की चोरी का एक सभ्य तरीका' बताया.
  • कोर्ट ने डेटा मुद्रीकरण और विज्ञापन लक्ष्यीकरण पर चिंता जताई, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि व्यक्तिगत डेटा का 'व्यावसायिक रूप से शोषण' किया गया था.
  • मेटा ने अपनी डेटा-हैंडलिंग प्रथाओं की व्याख्या करते हुए एक हलफनामा दाखिल करने पर सहमति व्यक्त की, और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को कार्यवाही में एक पक्ष के रूप में जोड़ा गया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और व्हाट्सएप को भारतीय उपयोगकर्ताओं की निजता के शोषण के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है.

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