चीन का युआन 16 साल के रिकॉर्ड स्तर पर, कंपनियों में तनाव, भारत और दुनिया पर असर.
CCNBC Awaaz•18-03-2026, 13:41
चीन का युआन 16 साल के रिकॉर्ड स्तर पर, कंपनियों में तनाव, भारत और दुनिया पर असर.
- •चीन की कंपनियां तेजी से करेंसी हेजिंग कर रही हैं क्योंकि युआन मजबूत हो रहा है, फरवरी के अंत तक फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट 107 अरब डॉलर तक पहुंच गए, जो 16 साल का रिकॉर्ड है.
- •मजबूत युआन चीनी व्यवसायों के लिए निर्यात आय को कम करता है, जिससे उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महंगे हो जाते हैं और वे विनिमय दरों को पहले से तय कर रहे हैं.
- •युआन की मजबूती का कारण कमजोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिका-चीन संबंधों में सुधार और चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा स्थिर मुद्रा का संकेत देना है.
- •भारत को कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में निर्यात बढ़ने से फायदा हो सकता है क्योंकि चीनी सामान महंगा हो रहा है, लेकिन चीन से आयात महंगा हो सकता है.
- •वैश्विक तनाव और चीन की बढ़ती क्रय शक्ति के कारण कमोडिटी की कीमतों में वृद्धि से भारत की मुद्रास्फीति और औद्योगिक लागत प्रभावित हो सकती है.