उनके मुताबिक, अमेरिकी खरीदारों के पास विकल्पों की कमी नहीं है. वियतनाम, बांग्लादेश, कंबोडिया और कुछ लैटिन अमेरिकी देश पहले से ही अमेरिका के लिए एक्सपोर्ट हब बने हुए हैं. अगर भारत के साथ ट्रेड डील में देरी होती है, तो US इंपोर्टर्स अपने ऑर्डर धीरे-धीरे इन देशों की तरफ शिफ्ट कर सकते हैं.
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CNBC Awaaz27-01-2026, 14:09

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौता: क्या-क्या होगा सस्ता? पूरी सूची यहां देखें!

  • भारत और यूरोपीय संघ ने दो दशकों की बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया, जिससे दो अरब लोगों का एक विशाल बाजार बना है.
  • यूरोपीय शराब, स्पिरिट और बीयर सहित आयातित यूरोपीय मादक पेय भारत में काफी सस्ते हो जाएंगे.
  • प्रीमियम वाइन पर आयात शुल्क 150% से घटकर 20-30% हो जाएगा, जबकि स्पिरिट (व्हिस्की, वोदका, जिन) पर 150% से 40% और बीयर पर 110% से 50% हो जाएगा.
  • 25 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली यूरोपीय लग्जरी कारों पर आयात शुल्क 66-110% से धीरे-धीरे 30-35% तक कम हो जाएगा, जिससे भारतीय प्रीमियम ऑटोमोबाइल बाजार खुलेगा.
  • यह समझौता वैश्विक जीडीपी का 25% और विश्व व्यापार का एक तिहाई कवर करता है, जिसमें यूरोपीय संघ को भारत के 97% निर्यात पर शुल्क कम या समाप्त हो जाएगा, जिससे सालाना €4 बिलियन तक की बचत होगी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-यूरोपीय संघ FTA से यूरोपीय शराब और लग्जरी कारों की कीमतें काफी कम होंगी, जिससे व्यापार और उपभोक्ता विकल्प बढ़ेंगे.

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