
आगामी जनगणना से प्राप्त जातिगत आंकड़ों से भारत की राजनीति और सार्वजनिक नीति में बदलाव आने की उम्मीद है।
नई जनगणना विस्तृत आवास, आर्थिक और जातिगत डेटा एकत्र करके कल्याणकारी कार्यक्रमों को नया रूप देगी।
हाँ, यह जनगणना भारत के राजनीतिक मानचित्र को फिर से निर्धारित कर सकती है। जनसंख्या वृद्धि को दर्शाने के लिए संसद के निचले सदन और राज्य विधानसभाओं में सीटें बढ़ाई जा सकती हैं।