European Commissioner for Trade Maros Sefcovic and India's Trade Minister Piyush Goyal sign an agreement, as European Commission President Ursula von der Leyen, Indian Prime Minister Narendra Modi and European Council President Antonio Costa stand next to them, at the Hyderabad House in New Delhi, India, January 27, 2026. REUTERS/Altaf Hussain
अर्थव्यवस्था
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CNBC TV1827-01-2026, 23:53

भारत-ईयू एफटीए: ऐतिहासिक व्यापार समझौते के विजेता और हारने वाले कौन?

  • भारत और यूरोपीय संघ ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है, जिसमें अधिकांश व्यापारिक वस्तुओं पर व्यापक शुल्क कटौती की प्रतिबद्धता है.
  • भारत अगले सात से दस वर्षों में यूरोपीय संघ की 96-97% टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त या काफी कम करेगा, जबकि यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं के लिए अपनी 98-99.5% टैरिफ लाइनें खोलेगा.
  • ऑटोमोबाइल और मादक पेय जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान हैं, जिनमें कारों के लिए कोटा-आधारित शुल्क कटौती और स्पिरिट के लिए चरणबद्ध कमी शामिल है.
  • श्रम-गहन क्षेत्र (वस्त्र, रत्न, समुद्री उत्पाद) और मध्यम-प्रौद्योगिकी उद्योग (रसायन, इंजीनियरिंग) को महत्वपूर्ण रूप से लाभ होने की उम्मीद है.
  • प्रमुख चुनौतियों में यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) और भारत में घरेलू सुधारों तथा नियामक स्पष्टता की आवश्यकता शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए निर्यात और निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, लेकिन CBAM और नियामक संरेखण जैसी चुनौतियों का सामना करता है.

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