भारत-ईयू एफटीए: ऐतिहासिक व्यापार समझौते के विजेता और हारने वाले कौन?

अर्थव्यवस्था
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CNBC TV18•27-01-2026, 23:53
भारत-ईयू एफटीए: ऐतिहासिक व्यापार समझौते के विजेता और हारने वाले कौन?
- •भारत और यूरोपीय संघ ने एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है, जिसमें अधिकांश व्यापारिक वस्तुओं पर व्यापक शुल्क कटौती की प्रतिबद्धता है.
- •भारत अगले सात से दस वर्षों में यूरोपीय संघ की 96-97% टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त या काफी कम करेगा, जबकि यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं के लिए अपनी 98-99.5% टैरिफ लाइनें खोलेगा.
- •ऑटोमोबाइल और मादक पेय जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान हैं, जिनमें कारों के लिए कोटा-आधारित शुल्क कटौती और स्पिरिट के लिए चरणबद्ध कमी शामिल है.
- •श्रम-गहन क्षेत्र (वस्त्र, रत्न, समुद्री उत्पाद) और मध्यम-प्रौद्योगिकी उद्योग (रसायन, इंजीनियरिंग) को महत्वपूर्ण रूप से लाभ होने की उम्मीद है.
- •प्रमुख चुनौतियों में यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) और भारत में घरेलू सुधारों तथा नियामक स्पष्टता की आवश्यकता शामिल है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-ईयू एफटीए निर्यात और निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है, लेकिन CBAM और नियामक संरेखण जैसी चुनौतियों का सामना करता है.
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