
ईरान का रुख, विशेष रूप से बातचीत से उसका इनकार और जारी संघर्ष ने बाजार में काफी अस्थिरता पैदा की है।
यदि होर्मुज जलडमरूमध्य समझौता विफल रहता है, तो ईरान जलडमरूमध्य को बाधित करना जारी रख सकता है, जिससे ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी। इससे तेल आपूर्ति में लंबी अवधि की बाधा और बढ़ती ऊर्जा लागत हो सकती है।