आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम से लेकर नेल्लोर तक फैली समुद्री तटरेखा के नीचे भारी और गहरी रेत में रेयर अर्थ मिनरल्स का विशाल भंडार मिला है. यहां सबसे अहम खनिज है मोनाजाइट, जिसमें-55–60% तक रेयर अर्थ ऑक्साइड,  8–10% थोरियम मौजूद है. यह थोरियम भारत के भविष्य के परमाणु रिएक्टरों के लिए संभावित ईंधन माना जा रहा है. इसके अलावा इल्मेनाइट, रूटाइल, जिरकॉन, गार्नेट और सिलिमेनाइट जैसे कीमती खनिज भी बड़ी मात्रा में पाए गए हैं.अनुमान के मुताबिक-भारत में कुल 30 करोड़ टन से ज्यादा भारी खनिज रेत,1.2–1.5 करोड़ टन मोनाजाइट,जिसमें से 30–35% अकेले आंध्र प्रदेश में हो सकता है.
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CNBC Awaaz25-12-2025, 08:36

चीन की दुर्लभ पृथ्वी धातुओं पर बादशाहत को चुनौती, पश्चिमी देशों में नए मैग्नेट कारखाने.

  • पश्चिमी देश दुर्लभ पृथ्वी मैग्नेट के लिए चीन पर निर्भरता कम करने हेतु "माइन-टू-मैग्नेट" आपूर्ति श्रृंखला बना रहे हैं.
  • दुर्लभ पृथ्वी मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहन, पवन टर्बाइन, रक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए आवश्यक हैं.
  • कनाडाई कंपनी Neo Performance Materials ने एस्टोनिया में एक नया दुर्लभ पृथ्वी मैग्नेट कारखाना खोला है, जिसका लक्ष्य उत्पादन बढ़ाना है.
  • अमेरिका में मैग्नेट उत्पादन क्षमता 2036 तक लगभग 6 गुना बढ़ने का अनुमान है, जिसे सरकारी समर्थन मिल रहा है, जैसे Vulcan Elements को $620 मिलियन का ऋण.
  • चीन वैश्विक मैग्नेट विनिर्माण के 90% से अधिक को नियंत्रित करता है, फिर भी पश्चिमी देश अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पश्चिमी देश चीन के दुर्लभ पृथ्वी मैग्नेट एकाधिकार को तोड़ने के लिए घरेलू उत्पादन में भारी निवेश कर रहे हैं.

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