'क्वाइट फायरिंग': कर्मचारियों को चुपचाप बाहर निकालने की नई रणनीति.

शिक्षा और करियर
N
News18•08-01-2026, 09:13
'क्वाइट फायरिंग': कर्मचारियों को चुपचाप बाहर निकालने की नई रणनीति.
- •क्वाइट फायरिंग एक प्रबंधकीय रणनीति है जहाँ कर्मचारियों को औपचारिक बर्खास्तगी के बजाय अवसर छीनकर और जिम्मेदारियाँ सीमित करके चुपचाप बाहर निकाला जाता है.
- •यह अस्पष्टता में पनपती है, जिसमें कोई आधिकारिक सूचना या औपचारिक कारण नहीं होता, अक्सर विवादों, दायित्वों और कानूनी जोखिम से बचने के लिए इसका उपयोग किया जाता है.
- •अंकित अग्रवाल (Unstop) और संजीता मोहता (Learning Spiral) जैसे विशेषज्ञ इसे कमजोर फीडबैक सिस्टम, नेतृत्व की असहजता और संघर्ष के डर का परिणाम बताते हैं.
- •इसे प्रमुख परियोजनाओं से बाहर करने, फीडबैक/अवसरों के गायब होने और जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण से पहचानें, जिससे कर्मचारी अदृश्य हो जाते हैं.
- •यह रणनीति कर्मचारियों के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से अस्थिर करने वाली है और संगठनात्मक विश्वास व अखंडता को नष्ट करती है, जिससे उच्च टर्नओवर और कम उत्पादकता होती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: क्वाइट फायरिंग कर्मचारियों के विश्वास और भलाई को नुकसान पहुँचाने वाली एक हानिकारक, मौन रणनीति है, जिसके लिए पारदर्शिता और नैतिक प्रबंधन आवश्यक है.
✦
More like this
Loading more articles...





