PhD aspirants are advised to write their theses themselves, give proper citations, and always run a Turnitin check. (AI Generated)
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News1804-02-2026, 15:12

यूजीसी ने एआई कॉपी-पेस्ट पर की कार्रवाई, बिहार विश्वविद्यालय के दर्जनों पीएचडी शोध प्रबंध खारिज

  • विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू), मुजफ्फरपुर से दर्जनों पीएचडी शोध प्रबंधों को एआई-जनित सामग्री के कारण खारिज कर दिया है.
  • जांच में पता चला कि लौटाए गए शोध प्रबंधों में 40% से अधिक समानता थी, यह दूसरी बार है जब यूजीसी ने बीआरएबीयू के पीएचडी सबमिशन को इसी कारण से खारिज किया है.
  • बीआरएबीयू के पीआरओ राजेश कुमार ने पुष्टि की कि छात्रों को अपने शोध प्रबंध फिर से लिखने होंगे, और साहित्यिक चोरी की जांच के लिए टर्निटिन सॉफ्टवेयर का उपयोग अब अनिवार्य कर दिया गया है.
  • जहां अंग्रेजी शोध प्रबंधों के लिए एआई साहित्यिक चोरी का पता लगाना प्रभावी है, वहीं हिंदी के लिए इसकी प्रभावकारिता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, जिससे हिंदी साहित्यिक चोरी की जांच में सुधार हो रहा है.
  • यूजीसी शोध में एआई के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है, इस बात पर जोर दे रहा है कि एआई उपकरण सहायता के लिए हैं, न कि मूल कार्य के प्रतिस्थापन के लिए, और उचित उद्धरण महत्वपूर्ण है.

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