उच्च इस्पात लागत से अपतटीय पवन और फ्लोटिंग सौर परियोजनाओं की प्रगति बाधित.
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उच्च स्टील लागत से भारत के अपतटीय पवन, फ्लोटिंग सौर परियोजनाओं की प्रगति धीमी.
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CNBC TV18•12-03-2026, 18:12
उच्च स्टील लागत से भारत के अपतटीय पवन, फ्लोटिंग सौर परियोजनाओं की प्रगति धीमी.
•वैश्विक स्तर पर उच्च स्टील लागत नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को बाधित कर रही है, जिससे भारत की अपतटीय पवन और फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं.
•भारत 1 GW अपतटीय पवन ऊर्जा निविदाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है, क्योंकि उच्च स्टील कीमतों के कारण वैश्विक स्तर पर बोलियां नहीं मिल रही हैं.
•सरकार अपतटीय पवन ऊर्जा के लिए ₹6,700 करोड़ के वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) और फ्लोटिंग सौर के लिए सब्सिडी पर विचार कर रही है.
•फ्लोटिंग सौर परियोजनाओं को स्टील की उच्च आवश्यकता, घटकों के लिए आयात निर्भरता और संभावित स्थलों पर डेटा की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
•भारत में केवल 700 MW फ्लोटिंग सौर परियोजनाएं चालू हैं, जबकि इसकी क्षमता 280-300 GW है; MNRE राज्यों से जल निकायों की पहचान करने का आग्रह कर रहा है.