भारत का दावा: 100 GW परमाणु विस्तार से निकलने वाले कचरे का मौजूदा प्रणालियों से होगा प्रबंधन
ऊर्जा
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CNBC TV18•29-01-2026, 22:44
भारत का दावा: 100 GW परमाणु विस्तार से निकलने वाले कचरे का मौजूदा प्रणालियों से होगा प्रबंधन
- •भारत ने 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक बढ़ाने की योजना बनाई है और कहा है कि मौजूदा अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियाँ इसे संभाल सकती हैं।
- •केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग की नीति यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी अनुपचारित कचरा पर्यावरण में न छोड़ा जाए।
- •भारत लगभग बंद परमाणु ईंधन चक्र का उपयोग करता है, जिसमें खर्च किए गए ईंधन को पुन: संसाधित करके उपयोगी तत्वों को पुनर्चक्रित किया जाता है, जिससे रेडियोधर्मी कचरा कम होता है।
- •उच्च-स्तरीय रेडियोधर्मी कचरे को विट्रिफाई करके सॉलिड स्टोरेज सर्विलांस फैसिलिटीज में संग्रहीत किया जाता है; मौजूदा नियर सरफेस डिस्पोजल फैसिलिटीज पर्याप्त हैं।
- •कचरे की मात्रा को और कम करने और भविष्य की जरूरतों को प्रबंधित करने के लिए विभाजन प्रौद्योगिकियों और लंबे समय तक रहने वाले एक्टिनाइड्स के भस्मीकरण पर शोध जारी है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत का कहना है कि उसकी मौजूदा परमाणु अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियाँ 100 GW विस्तार के लिए पर्याप्त मजबूत हैं।
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