बाफ्टा विजेता 'बूंग' की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी: 'मणिपुर में महिलाएं मजबूत, पुरुषों के लिए बुरा लगता है'.

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Firstpost•05-03-2026, 18:41
बाफ्टा विजेता 'बूंग' की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी: 'मणिपुर में महिलाएं मजबूत, पुरुषों के लिए बुरा लगता है'.
- •लक्ष्मीप्रिया देवी द्वारा निर्देशित 'बूंग' बाफ्टा पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनकर इतिहास रच गई, जिसने मणिपुरी सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई.
- •फिल्म का प्रीमियर टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हुआ और इसे वारसॉ, साओ पाउलो, एडिलेड और टालिन ब्लैक नाइट्स जैसे महोत्सवों में प्रदर्शित किया गया.
- •लक्ष्मीप्रिया देवी ने पूर्वोत्तर की महिला फिल्म निर्माता के रूप में चुनौतियों पर प्रकाश डाला, कहा कि मणिपुरी महिलाएं 'बहुत मजबूत' हैं और 'वहां के पुरुषों के लिए बुरा लगता है'.
- •उन्होंने 'बूंग' को एक डायरी की तरह लिखा, जिसमें भेदभाव के व्यक्तिगत अनुभवों को शामिल किया और मणिपुर के सशक्त लैंगिक समुदाय का सम्मान किया.
- •यह फिल्म युवा गुगुन किपगेन की अपनी टूटी हुई परिवार को फिर से जोड़ने की मार्मिक खोज का अनुसरण करती है, जिसे अकेली मां मंदाकिनी (बाला हिजाम निंगथौजम) ने पाला है, जो आशा और लचीलेपन की पड़ताल करती है.
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