The 60-year-old filmmaker-actor further analysed what ails Hindi cinema, tracing its decline to the post-multiplex era, when it began catering primarily to urban audiences.
मनोरंजन
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Moneycontrol27-01-2026, 12:38

प्रकाश राज ने बॉलीवुड को बताया 'प्लास्टिक': "हिंदी सिनेमा अपनी जड़ें खो चुका है"

  • अभिनेता प्रकाश राज ने हालिया बॉलीवुड फिल्मों को कृत्रिम और सारहीन बताते हुए उनकी आलोचना की, उनकी तुलना 'मैडम तुसाद संग्रहालय' से की.
  • उन्होंने कहा कि हिंदी सिनेमा "अपनी जड़ें खो चुका है" और मलयालम तथा तमिल उद्योगों की मजबूत फिल्मों के विपरीत, ग्लैमर और सतही सौंदर्यशास्त्र पर ध्यान केंद्रित करता है.
  • राज ने बॉलीवुड के पतन का श्रेय मल्टीप्लेक्स-युग के बाद को दिया, जब इसने मुख्य रूप से शहरी दर्शकों को पूरा करना शुरू किया और ग्रामीण दर्शकों से संपर्क खो दिया.
  • उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्वतंत्रता के बाद हिंदी सिनेमा, 'अमर अकबर एंथोनी' जैसी फिल्मों से उदाहरण लेते हुए, धर्मनिरपेक्ष जड़ों और दर्शकों के साथ जुड़ाव बनाए रखा.
  • प्रकाश राज अगली बार 19 मार्च को रिलीज होने वाली फिल्म "डकैत" में नजर आएंगे, जिसमें आदिवी शेष और मृणाल ठाकुर भी हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्रकाश राज ने बॉलीवुड पर अपनी प्रामाणिक जड़ों को खोने और सतही बनने का आरोप लगाया है.

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