The Reichstag building, the seat of the German lower house of parliament, the Bundestag, with an illuminated Christmas tree in Berlin, Germany, December 11, 2025. File Image/Reuters
एक्सप्लेनर्स
F
Firstpost25-12-2025, 11:29

क्रिसमस ट्री: प्राचीन परंपराओं से वैश्विक प्रतीक तक का सफर.

  • प्राचीन सभ्यताओं जैसे मिस्र, रोम और सेल्टिक संस्कृतियों में सदाबहार पौधों का प्रतीकात्मक महत्व था, जो लचीलेपन और आशा का प्रतिनिधित्व करते थे.
  • मध्यकालीन जर्मन क्षेत्रों में "पैराडाइज ट्री", जिसका उपयोग चमत्कारी नाटकों में होता था, एक प्रमुख पूर्ववर्ती था, जिसे एडम और ईव के दिन के लिए सेब से सजाया जाता था.
  • यह परंपरा जर्मन शाही परिवार क्वीन शार्लोट और बाद में क्वीन विक्टोरिया/प्रिंस अल्बर्ट के माध्यम से ब्रिटेन में फैली, एक राष्ट्रीय प्रतीक बन गई.
  • जर्मन प्रवासियों द्वारा अमेरिका में लाया गया, इसने प्यूरिटन प्रतिरोध को पार किया और मीडिया व व्यावसायीकरण द्वारा लोकप्रिय हुआ.
  • पर्यावरणीय चिंताओं के कारण कृत्रिम पेड़ों का उदय हुआ; आज, खेत में उगाए गए असली पेड़ और कृत्रिम दोनों संस्करण बाजार पर हावी हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: क्रिसमस ट्री प्राचीन सदाबहार प्रतीकवाद और जर्मन परंपराओं से वैश्विक अवकाश प्रतीक बना.

More like this

Loading more articles...