क्रिसमस ट्री: प्राचीन परंपराओं से वैश्विक प्रतीक तक का सफर.

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Firstpost•25-12-2025, 11:29
क्रिसमस ट्री: प्राचीन परंपराओं से वैश्विक प्रतीक तक का सफर.
- •प्राचीन सभ्यताओं जैसे मिस्र, रोम और सेल्टिक संस्कृतियों में सदाबहार पौधों का प्रतीकात्मक महत्व था, जो लचीलेपन और आशा का प्रतिनिधित्व करते थे.
- •मध्यकालीन जर्मन क्षेत्रों में "पैराडाइज ट्री", जिसका उपयोग चमत्कारी नाटकों में होता था, एक प्रमुख पूर्ववर्ती था, जिसे एडम और ईव के दिन के लिए सेब से सजाया जाता था.
- •यह परंपरा जर्मन शाही परिवार क्वीन शार्लोट और बाद में क्वीन विक्टोरिया/प्रिंस अल्बर्ट के माध्यम से ब्रिटेन में फैली, एक राष्ट्रीय प्रतीक बन गई.
- •जर्मन प्रवासियों द्वारा अमेरिका में लाया गया, इसने प्यूरिटन प्रतिरोध को पार किया और मीडिया व व्यावसायीकरण द्वारा लोकप्रिय हुआ.
- •पर्यावरणीय चिंताओं के कारण कृत्रिम पेड़ों का उदय हुआ; आज, खेत में उगाए गए असली पेड़ और कृत्रिम दोनों संस्करण बाजार पर हावी हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: क्रिसमस ट्री प्राचीन सदाबहार प्रतीकवाद और जर्मन परंपराओं से वैश्विक अवकाश प्रतीक बना.
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