क्या जेफरी एपस्टीन 'सुपर रेस' बनाने का प्रयास कर रहे थे? ट्रांसह्यूमनिज़्म के गहरे पहलुओं का खुलासा.
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एप्स्टीन का डार्क ट्रांसह्यूमनिज़्म: क्या वह 'सुपर रेस' बनाना चाहता था?
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News18•09-02-2026, 12:04
एप्स्टीन का डार्क ट्रांसह्यूमनिज़्म: क्या वह 'सुपर रेस' बनाना चाहता था?
•जेफरी एप्स्टीन की फाइलें आनुवंशिक इंजीनियरिंग और कुलीन वैज्ञानिक नेटवर्कों के प्रति उनके आकर्षण को उजागर करती हैं, जो एक 'श्रेष्ठ' मानव वंश बनाने की इच्छा का संकेत देती हैं.
•उनकी रुचियां ट्रांसह्यूमनिज़्म के गहरे पक्ष को उजागर करती हैं, एक ऐसा आंदोलन जो प्रौद्योगिकी के माध्यम से मानव संवर्धन की वकालत करता है, जिससे अभिजात्यवाद और असमानता पैदा हो सकती है.
•एप्स्टीन ने वैज्ञानिक हलकों में खुद को स्थापित करने के लिए अपनी संपत्ति का इस्तेमाल किया, अनुसंधान को वित्तपोषित किया और सभाओं की मेजबानी की, जिससे प्रभाव और जवाबदेही के बारे में नैतिक प्रश्न उठे.
•पुतिन और शी जिनपिंग जैसे वैश्विक नेता, और सिलिकॉन वैली के अरबपति भी जीवनकाल विस्तार और एंटी-एजिंग प्रौद्योगिकियों की खोज कर रहे हैं, इस क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं.
•लेख चेतावनी देता है कि नैतिक निरीक्षण के बिना, ट्रांसह्यूमनिस्ट प्रगति से सामाजिक-आर्थिक अंतर बढ़ने और विज्ञान के बहिष्कार का एक उपकरण बनने का जोखिम है.