नेपाल और बांग्लादेश में उभरती राजनीतिक चुनौतियाँ: भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के लिए एक नई कसौटी.
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नेपाल, बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति की नई चुनौती.
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News18•07-03-2026, 21:50
नेपाल, बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति की नई चुनौती.
•मार्च 2026 की शुरुआत में, नेपाल और बांग्लादेश में 30 दिनों के भीतर बड़े राजनीतिक बदलाव हुए, जिससे भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हो गईं.
•नेपाल में, 35 वर्षीय रैपर-इंजीनियर बालेंद्र (बालन) शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने भारी जीत हासिल की, जिससे दशकों पुराने पारंपरिक दलों का प्रभुत्व समाप्त हो गया.
•बांग्लादेश में तारिक रहमान और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने सत्ता संभाली, जिससे शेख हसीना के 15 साल के शासन और आवामी लीग के नई दिल्ली के साथ "राजनीतिक घनिष्ठता" का अंत हो गया.
•नई दिल्ली की 'पड़ोसी पहले 2.0' रणनीति अब "हार्ड" कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर, गैर-पारस्परिक कूटनीति और चीन के "ऋण जाल" के प्रति पड़ोसियों की सतर्कता का लाभ उठाने पर केंद्रित है.
•भारत को इन मुखर, युवा लोकतंत्रों के लिए "सुरक्षा प्रदाता" से "समृद्धि भागीदार" बनने के लिए अनुकूलन करना होगा, व्यक्तिगत नेताओं पर निर्भरता से आगे बढ़ना होगा.