Yuvraj Mehta was on his way home from his Gurugram office when tragedy struck. Image courtesy: X
एक्सप्लेनर्स
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Firstpost20-01-2026, 14:56

नोएडा टेकिए की मौत: युवराज मेहता को बचाया जा सकता था? लापरवाही और देरी पर सवाल.

  • नोएडा के सेक्टर 150 में एक 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई, जब उनकी कार उसमें गिर गई.
  • वह अपनी डूबती कार के ऊपर दो घंटे तक मदद के लिए चिल्लाते रहे, जबकि पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने खतरनाक परिस्थितियों के कारण कथित तौर पर हिचकिचाहट दिखाई.
  • गाजियाबाद में तैनात SDRF और NDRF की टीमें कॉल करने के घंटों बाद पहुंचीं, तब तक मेहता डूब चुके थे.
  • स्थानीय लोगों ने गड्ढे के चारों ओर बाधाओं की कमी और 2015 की अधूरी तूफान जल प्रबंधन योजना को जिम्मेदार ठहराया.
  • जनता के आक्रोश के बाद नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया गया और घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नोएडा के टेकिए युवराज मेहता की दुखद मौत बचाव में देरी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है.

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