Smoke billows out from a Palau-flagged oil tanker with 15 Indian crew members after it came under attack from the Iranian military off Oman's Musandam peninsula. (PTI)
N
News1803-03-2026, 17:20

ईरान ने ओमान पर हमला किया: मध्यस्थ का कवच टूटा, खाड़ी देशों को पक्ष चुनना पड़ा.

  • मध्य पूर्व के 'स्विट्जरलैंड' के रूप में जाना जाने वाला ओमान, जो अमेरिका-ईरान का प्रमुख मध्यस्थ था, 1-2 मार्च 2026 को ईरानी ड्रोन और प्रोजेक्टाइल द्वारा लक्षित किया गया, बावजूद इसके राजनयिक प्रयासों के.
  • ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि ये हमले "सरकार की पसंद नहीं" थे, इन्हें स्वतंत्र सैन्य इकाइयों द्वारा किया गया बताया, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह एक संदेश था कि "पूर्ण युद्ध" में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है.
  • ओमान को निशाना बनाने से उसका "मध्यस्थ का कवच" टूट गया, जिससे मुस्लिम राष्ट्रों के बीच नाजुक एकता उजागर हुई और कुछ खाड़ी देशों को पश्चिम के साथ घनिष्ठ सैन्य गठबंधन की ओर धकेला गया.
  • अरब देशों ने आर्थिक भेद्यता, ईरानी राज्य के पतन के डर, 'मुस्लिम उम्माह' कारक और संभावित मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका के कारण ईरान के खिलाफ सीधी जवाबी कार्रवाई से परहेज किया है.
  • इस संघर्ष ने फारस की खाड़ी में "सभी का मित्र" होने के युग को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया है, जिससे सभी क्षेत्रीय अभिनेताओं को पक्ष चुनने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

More like this

Loading more articles...