फेफड़ों का कैंसर अब सिर्फ धूम्रपान करने वालों की बीमारी नहीं: डॉ. राजपुरोहित
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Firstpost07-02-2026, 17:11

फेफड़ों का कैंसर अब सिर्फ धूम्रपान करने वालों की बीमारी नहीं: डॉ. राजपुरोहित

  • भारत में फेफड़ों का कैंसर एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है, 2025 तक 81,000 से अधिक मामले होने का अनुमान है.
  • धूम्रपान न करने वाले, महिलाएं और युवा वयस्क (30-40 वर्ष) तेजी से प्रभावित हो रहे हैं, पारंपरिक धारणाएं बदल रही हैं.
  • शहरी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण (PM2.5) और इनडोर बायोमास धुआं जैसे पर्यावरणीय कारक प्रमुख कारण हैं.
  • देर से निदान, आणविक परीक्षण तक असमान पहुंच और ऑन्कोलॉजी बुनियादी ढांचे में संसाधनों की कमी प्रमुख चुनौतियां हैं.
  • सटीक ऑन्कोलॉजी, इम्यूनोथेरेपी और रोगी-केंद्रित देखभाल, जिसमें सबक्यूटेनियस प्रशासन शामिल है, बेहतर परिणामों और जीवन की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण हैं.

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