बॉट बाइंग का उदय: 2026 तक AI एजेंट भारत में खरीद के फैसले लेंगे
यह कैसे काम करता है
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Storyboard07-01-2026, 08:21

बॉट बाइंग का उदय: 2026 तक AI एजेंट भारत में खरीद के फैसले लेंगे

  • 2026 तक, AI एजेंट, या "बॉट बाइंग", भारत में खरीद के फैसले स्वायत्त रूप से लेंगे, जिससे मानवीय भूमिका पर्यवेक्षण तक सीमित हो जाएगी.
  • भारत में क्विक कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ब्रांडों को Blinkit, Zepto और Instamart जैसे अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी प्लेटफॉर्म के लिए उत्पादों, पैकेजिंग और मार्केटिंग को फिर से डिज़ाइन करना पड़ रहा है.
  • Redseer Consulting के संस्थापक और सीईओ अनिल कुमार के अनुसार, एजेंटिक AI परिचालन बुनियादी ढांचा बन रहा है, जिससे उत्पाद कैटलॉग बनाने जैसी लागतों में 90% तक की कमी आ रही है.
  • UCID Advertising के संस्थापक और सीईओ नीलेश तलरेजा ने बताया कि 2025 में विज्ञापन में एक सांस्कृतिक बदलाव देखा गया, जिसमें हाइपर-रीजनल स्टोरीटेलिंग, माइक्रो-ड्रामा और शॉपिंग योग्य सामग्री महत्वपूर्ण हो गई.
  • AI के उदय से चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं, जिनमें संभावित ऊर्जा की कमी और McDonald’s, Coca-Cola और Disney जैसे ब्रांडों से अनियंत्रित AI-जनित सामग्री के खिलाफ प्रतिक्रिया शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत का डिजिटल कॉमर्स 2026 तक AI-संचालित खरीद, क्विक कॉमर्स और हाइपर-रीजनल सामग्री के साथ बदल रहा है.

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