बजट 2026: विशेषज्ञों ने गिग वर्कर्स के लिए आय अस्थिरता, पोर्टेबिलिटी, जवाबदेही पर चिंता जताई.

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Storyboard•27-01-2026, 08:52
बजट 2026: विशेषज्ञों ने गिग वर्कर्स के लिए आय अस्थिरता, पोर्टेबिलिटी, जवाबदेही पर चिंता जताई.
- •विशेषज्ञों ने भारत के बढ़ते गिग वर्कफोर्स, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में, आय की अस्थिरता, पोर्टेबिलिटी में कमी और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को प्रमुख जोखिम बताया है.
- •अनुपमा भीमराजका (foundit) ने आय की अप्रत्याशितता और निरंतरता में कमी को सबसे गंभीर जोखिम बताया, भले ही काम जारी हो, और निरंतर कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर दिया.
- •बालासुब्रमण्यम ए (TeamLease Services) ने गिग वर्कफोर्स की वृद्धि (7.7 मिलियन से वर्तमान में 12 मिलियन, 2029-30 तक 23.5 मिलियन) पर प्रकाश डाला और बजट 2026 के लिए प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को सर्वोच्च नीतिगत प्राथमिकता बताया.
- •जयंत नीलाकांता (Equip) ने सामाजिक सुरक्षा योगदान और हकदारी को ट्रैक करने के लिए गिग वर्कर्स के लिए एक डिजिटल पोर्टल की कमी का उल्लेख किया, और UPI/CoWIN जैसी प्रणाली का प्रस्ताव रखा.
- •उद्योग जगत की आवाज़ों ने पोर्टेबल, आय-आधारित सुरक्षा, भुगतानों पर नियामक स्पष्टता, आय-झटके के लिए बफर और आय गारंटी तथा बाजार लचीलेपन के बीच संतुलन बनाने का आह्वान किया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 को गिग वर्कर्स के लिए क्रियान्वयन, आय स्थिरता, पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर ध्यान देना चाहिए.
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