बजट 2026: क्या भारत 'क्रिएटर फैक्ट्री' से 'क्रिएटिव हेडक्वार्टर' बन पाएगा?

यह कैसे काम करता है
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Storyboard•03-02-2026, 08:55
बजट 2026: क्या भारत 'क्रिएटर फैक्ट्री' से 'क्रिएटिव हेडक्वार्टर' बन पाएगा?
- •केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में भारत के रचनात्मक उद्योगों ('ऑरेंज इकोनॉमी') पर जोर दिया, जिसका लक्ष्य 2030 तक 20 लाख AVGC पेशेवरों की मांग को पूरा करना है.
- •एक प्रमुख प्रस्ताव में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, मुंबई के सहयोग से 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करना शामिल है.
- •उद्योग विशेषज्ञ शुदीप मजूमदार (Zefmo) और सोहेल कादरी खान (Kofluence) का कहना है कि भारत को केवल 'क्रिएटर फैक्ट्री' बने रहने से रोकने के लिए कौशल विकास से परे बौद्धिक संपदा (IP) निर्माण और स्वामित्व पर ध्यान केंद्रित करना होगा.
- •चुनौती वैश्विक प्लेटफार्मों के लिए कुशल श्रम प्रदान करने से हटकर भारत से IP की कल्पना, स्वामित्व और मुद्रीकरण करने की है, जिससे केवल 'रोजगार योग्य ऑपरेटर' नहीं बल्कि 'क्रिएटर-उद्यमी' तैयार हों.
- •स्थायी विकास के लिए आपूर्ति-मांग संरेखण, IP स्वामित्व को प्राथमिकता देने वाले गुणवत्ता मानक, रचनात्मक नेतृत्व के लिए करियर फ्रेमवर्क और रचनात्मक व्यवसायों के लिए धैर्यवान पूंजी जैसे अंतरालों को दूर करना आवश्यक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 का लक्ष्य कौशल विकास और IP स्वामित्व के माध्यम से भारत के रचनात्मक उद्योगों को 'क्रिएटर फैक्ट्री' से 'क्रिएटिव हेडक्वार्टर' में बदलना है.
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