गिग वर्कर्स का विरोध Zomato, Swiggy पर भारी; उपभोक्ता उदासीनता से असर सीमित?

यह कैसे काम करता है
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Storyboard•06-01-2026, 08:54
गिग वर्कर्स का विरोध Zomato, Swiggy पर भारी; उपभोक्ता उदासीनता से असर सीमित?
- •Zomato, Swiggy, Amazon, Flipkart के गिग वर्कर्स ने नए साल की पूर्व संध्या पर देश भर में विरोध प्रदर्शन किया, उचित वेतन, सम्मान और सुरक्षा की मांग की.
- •मुख्य शिकायतों में 10 मिनट की डिलीवरी का दबाव, कमाई को प्रभावित करने वाले अपारदर्शी एल्गोरिदम और स्वास्थ्य बीमा व पेंशन जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभों की कमी शामिल है.
- •Zomato के संस्थापक Deepinder Goyal ने गिग मॉडल का बचाव किया और प्रोत्साहन में बदलाव किए, जबकि अन्य कंपनियां विरोध के दौरान चुप रहीं.
- •विशेषज्ञ प्रभाव पर बहस करते हैं: कुछ का मानना है कि उपभोक्ता उदासीनता और भारत का बड़ा श्रम बल कंपनियों को बचाएगा, अन्य दीर्घकालिक प्रतिष्ठा क्षति और बढ़ते अशांति की चेतावनी देते हैं.
- •डिलीवरी पार्टनर्स प्रति ऑर्डर बेस पे (40-45 रुपये से 15-20 रुपये तक) में गिरावट और अस्थिर आय की रिपोर्ट करते हैं, जबकि पूर्णकालिक काम के लिए सकल मासिक आय 20,000-30,000 रुपये है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गिग वर्कर्स के विरोध से गहरे मुद्दे उजागर हुए, लेकिन उपभोक्ता मांग कंपनियों को बचा सकती है.
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