Consumer-facing startups have borne the brunt of the correction. Since 2020, nearly 14,000 B2C companies have shut down — about 72% more than the B2B firms over the same period.
यह कैसे काम करता है
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Storyboard29-12-2025, 08:39

भारत के स्टार्टअप्स की कड़वी सच्चाई: 2025 में 729 फर्म बंद, फंडिंग की कमी

  • 2025 में 729 भारतीय स्टार्टअप बंद हुए, जो 2024 के 978 से कम है, लेकिन नए व्यवसायों का गठन 2020 के 19,000 से घटकर 2025 में 978 हो गया.
  • बंद होने का कारण फंडिंग में कमी, बढ़ती लागत और तनावपूर्ण व्यावसायिक मॉडल थे, जिससे एंटरप्राइज एप्लिकेशन, रिटेल और एड-टेक जैसे क्षेत्र प्रभावित हुए.
  • उपभोक्ता-केंद्रित (B2C) स्टार्टअप्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, 2020 से 14,000 बंद हुए, जो B2B फर्मों से 72% अधिक हैं, उच्च अधिग्रहण लागत और फंडिंग पर निर्भरता के कारण.
  • प्रमुख बंद हुए स्टार्टअप्स में BluSmart (वित्तीय कदाचार), The Good Glamm Group (आक्रामक अधिग्रहण), Hike (नियामक बदलाव) और Altigreen (घाटा) शामिल हैं.
  • पारिस्थितिकी तंत्र अनुशासन की ओर बढ़ रहा है, जो तेजी से विस्तार के बजाय सुशासन, पूंजी दक्षता और यथार्थवादी विकास को पुरस्कृत करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय स्टार्टअप्स को कठोर वास्तविकता का सामना करना पड़ रहा है: 2025 में 729 बंद होना अनुशासित विकास की ओर इशारा करता है.

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